"सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,मेरी कोशिश है की ये सूरत बदलनी चाहिए..
मेरे सीने में न सही तेरे सीने में ही सही, हो कहीं भी आग मगर ये आग जलनी चाहिए"-कवि दुष्यंत
प्रिय साथियों, आपके-अपने इस मंच पर आपकी रायों व विचारों का स्वागत है..."जिद करो...दुनिया बदलो"

Wednesday, February 18, 2009

स्वागत......

प्रिय साथियों, प्रदेश में विगत १५ वर्षों से सरकार द्वारा किए जा रहे अतिथि विद्वानों के साथ शोषण के विरुद्ध तथा अपने अधिकारों के लिए १६ जनवरी से सत्याग्रह आन्दोलन तेज़ कर दिया है... जिसमे आपका प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष सहयोग अपने अधिकारों को दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा.... पुनः स्वागत .....

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