अपनी मांगों को लेकर पॉलीटेक्निक चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे प्रदेश भर के कॉलेजों के अतिथि विद्वानों पर पुलिस का जमकर कहर बरपा। प्रदर्शन के दौरान एक सीएसपी की नाराजगी के बाद पुलिस के जवान इन लोगों पर लाठी लेकर टूट पडे, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वान नियमितिकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी के प्रियदर्शनी पार्क में जमा हुए। यहां पर हुई बैठक में निर्णय हुआ कि इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को ज्ञापन दिया जाए। इसके बाद करीब दो सौ अतिथि विद्वान दोपहर लगभग एक बजे सीएम हाउस की ओर कूच कर गए। पुलिस ने इन्हें पॉलीटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। इसके बाद ये लोग सडक पर ही धरने पर बैठ गए। इनको समझाने के लिए मौके पर एएसपी संतोष सिंह गौर और एडीएम रजनीश श्रीवास्तव भी आ गए थे। इसके बाद भी करीब सवा तीन घंटे तक यह लोग सडक पर बैठे रहे।
पुलिस ने यहां पर पानी के वाहन समेत भारी बल बुला लिया गया था। इसी दौरान जिला प्रशासन और पुलिस ने इनके एक प्रतिनिधि मण्डल को सीएम हाउस ज्ञापन देने के लिए भेज दिया। इन लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने का आश्वासन मिला। सीएम हाउस से प्रतिनिधि मण्डल के लौटने के बाद सभी वापस जाने लगे। इसी बीच पुलिस ने अचानक इन लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें संघ के अध्यक्ष हेमराज, समेत अलीराजपुर के नीरज, जितेंद्र सोनी, राम उतरेठे, पुष्पा मौर्य, थांदला के मुकेश भूरिया, रतलाम की सरला श्रीवास्तव, हरिओम अग्रवाल और जावरा के भारती लूनावत को चोट आई है। " पत्रिका न्यूज़ "
Wednesday, February 18, 2009
स्वागत......
प्रिय साथियों, प्रदेश में विगत १५ वर्षों से सरकार द्वारा किए जा रहे अतिथि विद्वानों के साथ शोषण के विरुद्ध तथा अपने अधिकारों के लिए १६ जनवरी से सत्याग्रह आन्दोलन तेज़ कर दिया है... जिसमे आपका प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष सहयोग अपने अधिकारों को दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा.... पुनः स्वागत .....
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